
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों को सस्ती फ्लाइट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत कुछ और है। उत्तर प्रदेश में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर सिर्फ 1 फीसदी VAT होने के बावजूद, नोएडा एयरपोर्ट से कई रूट्स पर हवाई किराया दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) जितना या उससे ज्यादा दिख रहा है। इसकी बड़ी वजह नए एयरपोर्ट पर प्रस्तावित हाई यूजर चार्ज और लैंडिंग फीस मानी जा रही है।
IndiGo ने भी जताई आपत्ति
नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों का ऐलान करने वाली पहली एयरलाइन IndiGo ने एयरपोर्ट के टैरिफ स्ट्रक्चर पर Airports Economic Regulatory Authority के सामने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। एयरलाइन का कहना है कि मौजूदा फीस स्ट्रक्चर यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट की ओर शिफ्ट होने से रोक सकता है और NCR के ऑप्शनल एविएशन हब के रूप में इसकी भूमिका कमजोर कर सकता है।
24 जून की फ्लाइट बुकिंग में बेंगलुरु रूट पर नोएडा और दिल्ली दोनों एयरपोर्ट से किराया करीब ₹8,910 दिखा। हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर रूट्स पर भी किराए में खास अंतर नहीं दिखा।
कहां बढ़ रहा है खर्च?
विवाद का सबसे बड़ा कारण यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) और एयरक्राफ्ट लैंडिंग चार्ज हैं। नोएडा एयरपोर्ट से घरेलू उड़ान भरने वाले यात्री को ₹653 UDF देना होगा, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर यह शुल्क सिर्फ ₹129 है। घरेलू आगमन पर नोएडा में ₹282 और दिल्ली में ₹56 शुल्क प्रस्तावित है।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी अंतर बड़ा है। नोएडा एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर पर ₹1,200 और आगमन पर ₹520 चार्ज करना चाहता है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर पर ₹650 और आगमन पर ₹275 चार्ज लगता है।
एयरलाइंस पर भी बढ़ेगा बोझ
बड़े विमानों जैसे Airbus A321 के लिए घरेलू लैंडिंग चार्ज नोएडा एयरपोर्ट पर ₹760 प्रति मीट्रिक टन प्रस्तावित है। दिल्ली एयरपोर्ट पर यही शुल्क ₹347 है।
IndiGo के मुताबिक A321 विमान के एक घरेलू राउंड ट्रिप पर नोएडा एयरपोर्ट से ऑपरेशन करने पर करीब ₹1.88 लाख अतिरिक्त खर्च आ सकता है। अगर एयरलाइन रोज 15 राउंड ट्रिप चलाती है तो सालाना अतिरिक्त लागत करीब ₹103 करोड़ तक पहुंच सकती है।
एयरलाइन ने कहा कि इतनी ऊंची लागत के चलते नोएडा एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर कमर्शियल ऑपरेशन के लिए आकर्षक नहीं रह जाएगा।






