
How to spot fake traffic challans: देशभर में सड़कों पर CCTV कैमरों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ई-चालान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब वाहन मालिकों को SMS के जरिए लंबित चालान की जानकारी मिलना आम हो गया है। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को फर्जी ट्रैफिक चालान भेजकर ठगी कर रहे हैं।
कैसे हो रही है ठगी?
ठग वाहन मालिकों को SMS भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि उनके वाहन पर ट्रैफिक चालान बकाया है। मैसेज में तुरंत भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी जाती है। ऐसे मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही यूजर्स फर्जी पेमेंट पेज पर पहुंच जाते हैं।
ICICI Bank ने अपने ग्राहकों को भेजे अलर्ट में कहा कि फ्रॉड लिंक पर अक्सर छोटी रकम, जैसे 590 रुपये दिखाई जाती है ताकि लोगों को शक न हो। लेकिन कार्ड डिटेल और OTP डालते ही खाते से कहीं ज्यादा रकम कट सकती है।
फर्जी लिंक से क्या खतरा?
बैंक के मुताबिक ऐसे लिंक पर पेमेंट करने से कार्ड डिटेल, CVV और अन्य निजी जानकारी चोरी हो सकती है। इसके अलावा फोन या डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल होने का भी खतरा रहता है, जिससे आगे और साइबर फ्रॉड हो सकते हैं।
चालान कैसे करें वेरिफाई?
वाहन मालिकों को केवल सरकारी पोर्टल या आधिकारिक ऐप के जरिए ही चालान की जांच करनी चाहिए। चालान की जानकारी वाहन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर या चालान नंबर डालकर ऑनलाइन देखी जा सकती है।
सरकारी eChallan Parivahan Portal पर लंबित चालान देखना, रसीद डाउनलोड करना और भुगतान किया जा सकता है। इसके अलावा Park+, ACKO और Cred जैसे ऐप भी चालान चेक करने की सुविधा देते हैं।
खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
फर्जी ट्रैफिक चालान से बचने के लिए किसी भी SMS लिंक पर सीधे क्लिक न करें। कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर जल्दबाजी में पेमेंट करने से बचें। कार्ड डिटेल, OTP, CVV या निजी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। छोटे या संदिग्ध URL वाले मैसेज पर खास सतर्कता बरतें।






