Delhi auto taxi strike: 21, 22 और 23 मई से ऑटो-टैक्सी की हो सकती है हड़ताल! घर से निकलने से पहले पढ़ लें यह जरूरी अपडेट

AhmadJunaidBlogMay 19, 2026358 Views


पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों के साथ-साथ कमर्शियल वाहन चालकों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी के ऑटो, टैक्सी और दूसरे कमर्शियल वाहन चालकों के कई यूनियनों ने आगामी 21 मई से 23 मई तक तीन दिन की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

यूनियनों का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों के बावजूद किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे ड्राइवरों के लिए परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने भेजा पत्र

इस मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखीं। यूनियनों की मुख्य मांग है कि बढ़ती लागत को देखते हुए ऑटो और टैक्सी किराए में जल्द बढ़ोतरी की जाए।

चालक संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर ड्राइवरों की आमदनी पर पड़ा है। कई चालकों का कहना है कि रोज की कमाई का बड़ा हिस्सा अब ईंधन पर ही खर्च हो जाता है, जबकि वाहन की EMI, मेंटेनेंस और घर का खर्च अलग से बढ़ गया है।

चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच मीडिल क्लास ड्राइवरों के लिए गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अन्य संगठनों के साथ मिलकर ‘चक्का जाम’ का फैसला लिया गया है और 21, 22 और 23 मई को वाहन नहीं चलाने की अपील की गई है।

आम लोगों पर पड़ सकता है असर

अगर यह हड़ताल होती है, तो इसका असर दिल्ली की पब्लिस ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी पड़ सकता है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना ऑटो और टैक्सी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में तीन दिन तक सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों पर इसका असर ज्यादा दिख सकता है।

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