
Elon Musk: दिग्गज बिजनेसमैन एलन मस्क ने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जो आज तक दुनिया का कोई भी अमीर इंसान नहीं बना पाया। एलन मस्क अब दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनियर’ यानी 1 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की संपत्ति के मालिक बनने जा रहे हैं। मस्क को इस मुकाम पर पहुंचाने में उनकी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का सबसे बड़ा हाथ है।
दरअसल, स्पेसएक्स ने बीते गुरुवार को अपने आईपीओ (IPO) के जरिए रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर जुटाए हैं। इस भारी-भरकम रकम से साफ है कि निवेशकों को मस्क के बिजनेस पर कितना पक्का भरोसा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को शेयर बाजार खुलते ही मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर के पार हो जाएगी। भारतीय समय के अनुसार अमेरिका का शेयर बाजार 7:00 PM से 1:30 AM तक चलता है।
स्पेसएक्स में कितनी है मस्क की हिस्सेदारी?
स्पेसएक्स में मस्क के पास लगभग 42% सामान्य शेयर और स्टॉक ऑप्शंस हैं। यानी कंपनी में उनकी कुल इक्विटी 40 से 42% के बीच है। हालांकि, कंपनी के खास शेयर स्ट्रक्चर (Dual-class structure) के कारण, कंपनी के सभी बड़े फैसलों पर मस्क का अकेले 80% कंट्रोल (Voting Control) चलता है। सिर्फ स्पेसएक्स में ही उनके शेयरों की कुल कीमत लगभग 860 अरब डॉलर से 866 अरब डॉलर के बीच बैठती है।
दुनिया के सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं मस्क
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक, एलन मस्क की वर्तमान कुल संपत्ति 971 अरब डॉलर आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि अकेले साल 2026 में मस्क ने अपनी संपत्ति में 351 अरब डॉलर की भारी बढ़ोतरी की है। मस्क अब दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज (304 अरब डॉलर) से तीन गुना ज्यादा अमीर हो चुके हैं। मस्क की अकेले की संपत्ति लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन और जेफ बेजोस की कुल संपत्ति को मिलाकर भी उनसे कहीं ज्यादा है।
बिजनेस से लेकर राजनीति तक का सफर
मस्क को दुनिया भर में असली पहचान टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स से मिली। इसके बाद साल 2022 में उन्होंने 44 अरब डॉलर में ट्विटर (अब X) को खरीद लिया, जिससे उन्हें करोड़ों लोगों तक अपनी बात सीधे पहुंचाने का जरिया मिल गया। आज वे राजनीति, सरकारी खर्च और अभिव्यक्ति की आजादी (freedom of speech) जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं।
पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी में शामिल होना उनका सबसे विवादित कदम रहा। इसी दौरान (साल 2025 में) अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेस्ला कारों की बिक्री में भी गिरावट देखी गई थी, क्योंकि कई जगहों पर मस्क के राजनीतिक बयानों की वजह से लोगों ने टेस्ला का विरोध किया और उसकी कारों को खरीदना बंद कर दिया था।






