Work from Goa: अब सिर्फ छुट्टियां मनाने नहीं, काम करने भी आएं गोवा! सरकार तैयार कर रही है ‘वर्क फ्रॉम गोवा’ का नया मॉडल

AhmadJunaidBlogMay 23, 2026358 Views


Work from Goa: गोवा अब सिर्फ समुद्र तटों, नाइटलाइफ और छुट्टियां मनाने की जगह बनकर नहीं रहना चाहता। राज्य सरकार अब गोवा को स्टार्ट-अप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल नोमाड्स और रिमोट वर्कर्स का नया हब बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन गोवा की अर्थव्यवस्था का नया इंजन बन सकते हैं।

गोवा शैकाथॉन कार्यक्रम के दौरान बिजनेस टुडे से खास बातचीत में राज्य के आईटी और पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे ने कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसी अर्थव्यवस्था तैयार कर रही है जिसमें पर्यटन के साथ-साथ AI, स्टार्ट-अप और रिमोट वर्क कल्चर भी बड़ा रोल निभाए।उन्होंने बताया पर्यटन हमेशा गोवा का मुख्य उद्योग रहेगा, लेकिन हम अर्थव्यवस्था के लिए एक नया स्तंभ भी तैयार करना चाहते हैं।

‘वर्क फ्रॉम गोवा’ मॉडल पर फोकस

सरकार का पूरा फोकस वर्क फ्रॉम गोवा मॉडल पर है। यानी लोग गोवा आएं, यहां रहें काम करें और साथ ही यहां की संस्कृति, खानपान और लाइफस्टाइल का आनंद भी लें।

सरकार खास तौर पर स्टार्ट-अप फाउंडर्स, एआई प्रोफेशनल्स, डिजाइनर्स और रिमोट वर्कर्स को आकर्षित करना चाहती है, जो बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों से बाहर बेहतर लाइफ क्वालिटी की तलाश में हैं।

देश का सबसे छोटा राज्य गोवा की कुल आबादी करीब 16 लाख है। राज्य में इस समय लगभग 800 DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप मौजूद हैं। इनमें 250 से ज्यादा महिला लीडरशिप वाले स्टार्ट-अप हैं। मंत्री के मुताबिक ड्रोन, एयर टैक्सी और नई तकनीकों से जुड़े कई पेटेंट गोवा से विकसित किए जा रहे हैं।

 गोवा में बढ़ते स्टार्टअप्स 

कई नामी स्टार्टअप्स ने गोवा में अपना बेस बनाया है या यहां ऑपरेशन बढ़ाए हैं। इनमें 91Springboard, Chalo और Wakao Foods शामिल हैं। वहीं एयरोस्पेस स्टार्ट-अप Sarla Aviation ने भी राज्य सरकार के साथ समझौते के बाद गोवा में अपना रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया है। कंपनी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयरक्राफ्ट पर काम कर रही है।

 जल्द आएगी गोवा की AI पॉलिसी

गोवा सरकार जून के आखिर तक अपनी एआई पॉलिसी को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। इससे गोवा उन शुरुआती राज्यों में शामिल हो सकता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए औपचारिक नीति लेकर आएंगे।

खौंटे ने कहा कि यह पॉलिसी केवल सरकारी सोच पर आधारित नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री और एकेडमिक एक्सपर्ट से सलाह लेकर तैयार की गई है।

 पर्यटन को भी करेंगे अपडेट

राज्य सरकार पर्यटन को सिर्फ बीच टूरिज्म तक सीमित नहीं रखना चाहती। अब फोकस आध्यात्मिक पर्यटन, स्पोर्ट्स, विरासत, फूड और एडवेंचर टूरिज्म पर भी किया जा रहा है।

साथ ही सरकार होमस्टे, को-वर्किंग स्पेस और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर लंबे समय तक रुकने वाले पर्यटकों और डिजिटल नोमाड्स के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है।

सरकार एयरबीएनबी जैसे प्लेटफॉर्म और होमस्टे ऑपरेटर्स के साथ मिलकर लॉन्ग-स्टे इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है। मंत्री ने कहा, हम ऐसा हेल्दी माहौल बनाना चाहते हैं जहां लोग लंबे समय तक रहकर काम कर सकें और गोवा की संस्कृति और खानपान का आनंद भी ले सकें।

 गोवा नहीं बनना चाहता दूसरा बेंगलुरु

सरकार साफ कर चुकी है कि वह गोवा को बेंगलुरु या हैदराबाद जैसा विशाल और भीड़भाड़ वाला टेक हब नहीं बनाना चाहती। राज्य सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल पर काम कर रहा है ताकि विकास के साथ स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

खौंटे ने कहा, हम वही रास्ता नहीं अपनाना चाहते जो दूसरे राज्य अपना रहे हैं। हम ऐसे लोगों को आकर्षित करना चाहते हैं जो यहां आकर योगदान दें – चाहे वे स्टार्टअप्स हों, क्रिएटिव कम्युनिटी हो या इंडस्ट्री 4.0 से जुड़े लोग।

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