
उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में राज्य को ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चार बड़े पुरस्कार मिले हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उत्तराखंड को यह सम्मान सौंपा। राज्य की ओर से उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक जी. एस. बुधियाल ने ये पुरस्कार ग्रहण किए।
इन चार कैटेगरी में मिला पहला स्थान
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड को कम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में चुना गया। राज्य ने चार अलग-अलग क्षेत्रों में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है, जिनमें सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन, सबसे ज्यादा रूफटॉप सोलर संस्थापन, डिस्कॉम द्वारा सर्वाधिक निरीक्षण और सबसे अधिक वेंडर पंजीकरण शामिल हैं।
इस सफलता के पीछे UPCL की सक्रिय भूमिका रही है। निगम ने राज्यभर में जन-जागरूकता अभियान चलाकर और शिविरों के जरिए लोगों को सौर ऊर्जा के फायदों से जोड़ा। सौर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने का नतीजा यह रहा कि आम नागरिक तेजी से इस योजना से जुड़ रहे हैं। सरकार की इन जन-केंद्रित नीतियों के कारण ही उत्तराखंड अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
इस मौके पर भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी, आरईसी लिमिटेड के प्रमुख जितेंद्र श्रीवास्तव और सीईईडब्ल्यू के सीईओ डॉ. अरुणाभ घोष समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
UPCL के अधिकारियों का कहना है कि यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा है। योजना के तहत केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी दे रही है, जिससे घरों के बिजली बिलों में बड़ी कमी आ रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य अब और अधिक उपभोक्ताओं को इस हरित ऊर्जा क्रांति से जोड़कर उत्तराखंड को सौर ऊर्जा के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। यह उपलब्धि राज्य की सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।






