
LPG Cylinder Price: देशभर में घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक और झटका लगा है। तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में आज से 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। तीन महीने के अंदर यह दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम
इससे पहले 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी। उस समय पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ग्लोबल एनर्जी आपूर्ति में व्यवधान के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में तेजी आई थी।
बीते कुछ महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। अब घरेलू उपभोक्ताओं पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
सरकार ने क्या दी वजह?
एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की लागत में भारी उछाल के कारण यह फैसला लेना पड़ा। सरकार के मुताबिक फरवरी से जून 2026 के बीच एलपीजी के लिए सऊदी सीपी (Contract Price) बेंचमार्क में करीब 46% की वृद्धि हुई है।
सरकार का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान के कारण खाड़ी देशों से गैस आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
हर सिलेंडर पर 700 रुपये तक का घाटा
सरकार के अनुसार एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत अब 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है। इसके मुकाबले उपभोक्ताओं को 942 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। यानी प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि अंडर-रिकवरी और सब्सिडी अलग-अलग चीजें हैं। अंडर-रिकवरी का मतलब अंतरराष्ट्रीय लागत और तय खुदरा कीमत के बीच का अंतर है। पिछले वित्त वर्ष में घरेलू एलपीजी पर यह अनुमानित अंडर-रिकवरी करीब 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि इससे पिछले वर्ष यह 41,338 करोड़ रुपये थी।
सरकार का दावा- भारत में अब भी सबसे सस्ती LPG
सरकार ने कहा कि कीमत बढ़ने के बावजूद भारत में घरेलू एलपीजी दुनिया के कई देशों के मुकाबले सस्ती है। बयान के अनुसार भारतीय उपभोक्ता पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में कम कीमत चुका रहे हैं।
सरकार का यह भी दावा है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों के मुकाबले भी भारत में एलपीजी सिलेंडर अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध है। पिछले कई वर्षों से भारतीय उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों से काफी कम दर पर रसोई गैस मिलती रही है।
होर्मुज संकट के बावजूद नहीं हुई कमी
सरकार ने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े जोखिमों के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखा। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से ऊर्जा कार्गो की आवाजाही जारी रही और देश में किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं होने दी गई।





