
Akshaya Tritiya 2026: भारत के प्रमुख त्योहारों में शामिल अक्षय तृतीया इस साल 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। ‘अक्षय’ का अर्थ है कभी न खत्म होने वाला-इसी वजह से इस दिन किए गए काम को स्थायी सफलता और समृद्धि से जोड़ा जाता है। यह पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों से भी गहराई से जुड़ा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसकी झलक अलग रूप में दिखती है।
उत्तर भारत
उत्तर भारत में यह दिन दान-पुण्य, सोना खरीदने और नए काम शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है। लोग जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और धन दान करते हैं। कई परिवार इस दिन सगाई, प्रॉपर्टी खरीद या बिजनेस की शुरुआत भी करते हैं।
ओडिशा
ओडिशा में अक्षय तृतीया का खास महत्व है। किसान ‘अखी मुठी अनुकुला’ के जरिए बीज बोने की शुरुआत करते हैं। पुरी में रथ यात्रा की तैयारियां भी इसी दिन से शुरू होती हैं, जब रथ निर्माण का काम आरंभ होता है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में लोग सोना-चांदी या घर की चीजें खरीदते हैं। सुबह लक्ष्मी पूजा होती है और घरों में पूरण पोली या श्रीखंड-पूरी जैसे पारंपरिक पकवान बनते हैं। कई परिवारों में नवविवाहित बेटियों को मायके बुलाने की परंपरा भी है।
गुजरात
गुजरात में व्यापारी वर्ग इस दिन निवेश, नए सौदे या बिजनेस शुरू करता है। मंदिर दर्शन और लक्ष्मी-विष्णु पूजा के साथ यह दिन आर्थिक फैसलों के लिए खास माना जाता है।
राजस्थान
राजस्थान में इसे ‘अखा तीज’ कहा जाता है। यहां बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह आयोजित होते हैं, जहां बिना मुहूर्त देखे शादियां की जाती हैं।
दक्षिण भारत
तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में सोना खरीदना इस दिन का मुख्य आकर्षण होता है। ज्वेलरी दुकानों पर भारी भीड़ रहती है। लोग लक्ष्मी-विष्णु पूजा के साथ निवेश और खरीदारी करते हैं।
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में व्यापारी ‘हलकाता’ परंपरा के तहत नए अकाउंट बुक शुरू करते हैं और ग्राहकों को मिठाई बांटते हैं। यह व्यापार और शुभकामनाओं का अनोखा संगम है।






