
Defence Stock: एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की निजी कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems Ltd) ने बीते बुधवार एक बड़े ऑर्डर मिलने की जानकारी दी थी जिसके बाद आज शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहा है।
सुबह 10:32 बजे तक स्टॉक एनएसई पर 1.09% या 2.31 रुपये चढ़कर 214.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर शेयर 1.01% या 2.15 रुपये की तेजी के साथ 214.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि उसे अपने नियमित कारोबार के तहत रक्षा क्षेत्र से जुड़े सरकारी संस्थानों, डिफेंस पब्लिक सेक्टर कंपनियों और निजी कंपनियों से कई अहम ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि इन सभी ऑर्डरों की कुल कीमत करीब 73.32 करोड़ रुपये है।
इन ऑर्डरों में DRDO से करीब 15.003 करोड़ रुपये, डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) से 43.49 करोड़ रुपये, निजी कंपनियों से 13.95 करोड़ रुपये और अन्य सरकारी विभागों से 0.87 करोड़ रुपये के ऑर्डर शामिल हैं।
कंपनी को ये ऑर्डर भारी वजन वाले टॉरपीडो के लिए होमिंग सिस्टम, रणनीतिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर, मिसाइल व अन्य प्लेटफॉर्म के लिए एवियोनिक्स LRU और इंटेलिजेंस विभाग के लिए साइबर सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मिले हैं।
हाल ही में कंपनी को मिला है बड़ा अवॉर्ड
कंपनी ने हाल ही में अपने एक फाइलिंग में बताया था कि उसे भारत की सबसे तेजी से बढ़ती इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल किया गया है। यह अवॉर्ड कंपनी को 11 फरवरी 2026 को मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में आयोजित एक स्पेशल समारोह में दिया गया था।
कंपनी ने बताया कि यह लिस्ट स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एंड एंटरप्राइजेज (SME) द्वारा तैयार की गई है, जो ASAPP Info Global Group का प्रमुख पब्लिशर है और निर्माण, इंजीनियरिंग व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कवर करता है।
फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का चयन एक सख्त और प्रक्रिया-आधारित वैल्यूएशन के जरिए किया गया, जिसमें मुख्य रूप से रेवेन्यू ग्रोथ और नेट प्रॉफिट प्रदर्शन को आधार बनाया गया।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करुणाकर रेड्डी ने कहा कि उन्हें भारत की सबसे तेजी से बढ़ती इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल किए जाने पर बेहद गर्व और खुशी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के इनोवेशन, बेहतर संचालन और मजबूत वित्तीय अनुशासन पर लगातार फोकस का परिणाम है।






