
E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों के बीच बढ़ती चिंताओं के बीच देश की सबसे बड़ी निजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard ने एक अहम चेतावनी जारी की है। कंपनी ने कहा है कि अप्रैल 2023 से पहले बेची गईं और E20 फ्यूल के लिए नहीं बनी कारों में यदि E20 से नुकसान होता है, तो बीमा दावों (इंश्योरेंस क्लेम) को खारिज किया जा सकता है।
9 जून 2026 को पब्लिश किए अपने ब्लॉग पोस्ट में कंपनी ने कहा कि यदि वाहन में ऐसा फ्यूल इस्तेमाल किया जाता है जिसके लिए उसे डिजाइन नहीं किया गया है, तो इसे गलत उपयोग या लापरवाही माना जा सकता है। ऐसे मामलों में बीमा कंपनियां दावों को रिव्यू इसी आधार पर कर सकती हैं और क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना भी रहती है।
E20 से धीरे-धीरे हो सकता है नुकसान
ICICI Lombard के मुताबिक, E20 का सबसे बड़ा जोखिम इसका लॉन्ग टर्म असर है। कंपनी ने कहा कि एथेनॉल संक्षारक (Corrosive) होता है और ऐसे वाहनों में, जो E20 के लिए तैयार नहीं हैं, यह रबर सील, फ्यूल लाइन और इंजन के अन्य हिस्सों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकता है।
कंपनी ने चेतावनी दी कि यह नुकसान अचानक नहीं दिखता, बल्कि समय के साथ बढ़ता है। यही वजह है कि इसे पहचानना मुश्किल होता है और बाद में बीमा दावे के दौरान विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
सरकार की सफाई के बावजूद बना हुआ है जोखिम
सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन का बीमा अपने आप अमान्य नहीं होगा। हालांकि ICICI Lombard ने कहा कि इसका यह मतलब नहीं है कि E20 से जुड़े हर नुकसान का दावा स्वीकार कर लिया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, सामान्य मोटर बीमा पॉलिसियों में ‘कंसीक्वेंशियल डैमेज’ यानी धीरे-धीरे विकसित होने वाले नुकसान को आमतौर पर कवर नहीं किया जाता। यही वजह है कि E20 से होने वाले संभावित क्षरण से जुड़े दावों पर सवाल उठ सकते हैं।
वारंटी और क्लेम दोनों पर असर संभव
बीमा कंपनी ने यह भी कहा कि इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन आमतौर पर पानी घुसने या ऑयल लीकेज जैसी समस्याओं को कवर करते हैं, लेकिन ईंधन से होने वाले रासायनिक क्षरण को नहीं।
कंपनी ने सलाह दी है कि यदि वाहन E20-कंपैटिबल नहीं है तो मालिकों को पहले वाहन की मैनुअल बुक या डीलर से पुष्टि कर लेनी चाहिए। अन्यथा निर्माता भी वारंटी क्लेम खारिज कर सकता है।
वाहन मालिकों ने भी जताई चिंता
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक लुधियाना के कार रिव्यूअर सुंदरदीप सिंह, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘Volklub’ नाम से एक्टिव हैं, ने दावा किया कि E20 अनिवार्यता से एडवांस्ड गैसोलीन डायरेक्ट इंजेक्शन (GDI) इंजन वाले टर्बो पेट्रोल वाहनों में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी 2013, 2021 और 2022 मॉडल की कारों में पिछले दो वर्षों से स्पार्क प्लग और इलेक्ट्रॉनिक पावर कंट्रोल लाइट से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि कई E10 वाहनों की मैनुअल में स्पष्ट लिखा है कि E10 से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसे में E20 के प्रभाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।






