
भारत के मौसम में अगले कुछ दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। स्काइमेट वेदर सर्विसेज ने बताया है कि इस बार एल नीनो पहले से ज्यादा जल्दी और तेजी से बन सकता है क्योंकि प्रशांत महासागर की मौजूदा स्थिति जल्दी से एल नीनो की स्थिति में बदल रही है। एल नीनो एक ऐसा नैचुरल प्रोसेस है जो समुद्र की गर्मी के कारण मौसम पर असर डालता है।
जैसे-जैसे महासागर के ऊपर और नीचे का पानी गर्म होता जाएगा वैसे-वैसे एल नीनो भी तेजी से मजबूत होता जाएगा। इसका असर भारत और दुनिया के कई हिस्सों में असामान्य तापमान और मौसम अनुमान से अलग उतार-चढाव ला सकता है।
मानसून पर पड़ेगा एल नीनो असर
भारतीय मानसून पर एल नीनो का असर इस बात पर निर्भर करता है कि महासागर में गर्मी कहां ज्यादा है। अगर गर्मी महासागर के पूर्वी हिस्से में है, तो मानसून पर असर कम होगा। लेकिन अगर गर्मी मध्य प्रशांत महासागर में है और दोनों ओर ठंडक है, तो मानसून ज्यादा प्रभावित होगा।
इस साल एल नीनो पूरी तरह इंडियन क्लाइमेट में फैलने की उम्मीद है जिसका असर भारत, इंडोनेशिया और पश्चिम अफ्रीका में देखा जा सकता है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह कितना तेज होगा, क्योंकि ये घटनाएं आमतौर पर अक्टूबर से फरवरी के बीच ज्यादा होती हैं।
पहले भी देखा जा चुका है कि एल नीनो अपने दो-तिहाई मामलों में मानसून को प्रभावित करता रहा है। खासकर उत्तरी और मध्य भारत में इसका असर ज्यादा होता है, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में असर कम रहता है।
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कब दस्तक देगा मानसून?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 26 मई को शुरू होने वाला था, लेकिन अब इसमें कुछ दिन की देरी हो गई है। ऐसे में अब यह करीब 4 जून के आसपास केरल में दस्तक देगा। हालांकि केरल में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है लेकिर आईएमडी ने अभी ऑफिशियल मानसून की घोषणा नहीं की।
आईएमडी के मुताबिक मानसून की ऑफिशियल एंट्री के लिए कुछ शर्ते अभी अधूरी हैं। जिनके पूरे होते ही मानसून की घोषणा होगी। अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश के लिए अनुकूल हालात भी बन रहे हैं।
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औसत से कम मिलेगी बारिश- IMD
IMD का अनुमान है कि इस साल भारत में लंबे समय तक बारिश होगी। हालांकि कुल बारिश का औसत बारिश से 10% कम रहने की उम्मीद है। लेकिन एल नीनो के असर से मॉनसून में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। देश के कई हिस्सों में जहां एल नीनो का असर ज्यादा रहेगा, वहां मानसून में बदलाव ज्यादा देखने को मिल सकते हैं।





