Monsoon Alert: कब दस्तक देगा मानसून? केरल में हो रही बारिश के बावजूद क्यों घोषित नहीं हुआ मानसून? जानें IMD के कड़े नियम

AhmadJunaidBlogMay 27, 2026359 Views


Monsoon Alert: देशभर में लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल इसके लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले अनुमान लगाया था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 तक केरल पहुंच जाएगा। हालांकि अब मौसम वैज्ञानिकों (मेट्रोलॉजिस्ट) का कहना है कि मानसून की ऑफिशियल एंट्री में 2 से 3 दिन और लग सकते हैं।

अब उम्मीद जताई जा रही है कि मानसून अपने सामान्य समय 1 जून के आसपास ही केरल तट पर दस्तक देगा। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में मानसून का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसका सीधा असर खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कमोडिटी बाजारों पर पड़ता है।

केरल में बारिश शुरू, फिर भी मानसून घोषित क्यों नहीं?

दिलचस्प बात यह है कि केरल के कई हिस्सों में पहले से ही जोरदार बारिश हो रही है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा और एर्नाकुलम जैसे जिलों में भारी बारिश के चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट भी जारी किया है।

इसके बावजूद IMD ने अभी तक मानसून के आधिकारिक इंट्री की घोषणा नहीं की है। इसकी वजह यह है कि मौसम विभाग मानसून घोषित करने के लिए कुछ तय साइंटिफिक स्टैंडर्ड को फाॅलो करता है।

मानसून घोषित करने के लिए किन शर्तों का पूरा होना जरूरी?

पहली शर्त बारिश से जुड़ी होती है। केरल और लक्षद्वीप के 14 तय मौसम केंद्रों में से कम से कम 60% स्टेशनों पर लगातार दो दिनों तक 2.5 मिलीमीटर या उससे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड होनी चाहिए।

दूसरी शर्त हवाओं की दिशा और गति से जुड़ी होती है। समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर ऊपर पश्चिमी हवाओं की रफ्तार लगभग 30 से 37 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचनी जरूरी होती है।

तीसरी शर्त बादलों की स्थिति से संबंधित होती है। सैटेलाइट आंकड़ों के आधार पर मानसूनी बादलों का घनत्व और फैलाव तय मानकों के अनुसार होना चाहिए। 

जब ये तीनों शर्तें पूरी हो जाती हैं, तभी मौसम विभाग ऑफिशियली तौर पर मानसून एंट्री की घोषणा करता है।

मानसून आगे बढ़ने के लिए तैयार

मेट्रोलॉजिस्ट के मुताबिक राहत की बात यह है कि मानसून की प्रगति के लिए हालात पूरी तरह अनुकूल बने हुए हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह मानसूनी हवाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।

खेती और बाजार पर क्या असर पड़ेगा?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2-3 दिनों की देरी कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। इसका खरीफ फसलों की बुआई या बाजार के मूड पर खास असर नहीं पड़ेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकार मानते हैं कि प्री-मानसून बारिश खेतों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि इससे मिट्टी में शुरुआती नमी बन रही है। यह आगे चलकर धान, सोयाबीन और दूसरी खरीफ फसलों की बुआई में मदद करेगी।

अब जैसे ही आईएमडी के मेट्रोलॉजिस्ट  केरल में मानसून के ऑफिशियल एंट्री की घोषणा करेंगे। इसके बाद देश के बाकी हिस्सों में मानसून कब पहुंचेगा, इसकी तस्वीर भी और साफ हो जाएगी।

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