Flipkart News: पेट्रोल का खर्च बचेगा और इनकम भी बढ़ेगी! डिलीवरी पार्टनर्स के लिए Flipkart ने शुरू की ये नई सर्विस

AhmadJunaidBlogJune 5, 2026357 Views


Flipkart News: ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए ‘EV Assist’ नाम से एक डिजिटल मार्केटप्लेस लॉन्च किया है, जो डिलीवरी पार्टनर्स को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा। फिलहाल यह सुविधा Flipkart Minutes के राइडर्स के लिए 20 से अधिक शहरों में शुरू की गई है।

कंपनी ने बताया कि यह पहल फ्लिपकार्ट के EV100 कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपनी लास्ट-माइल डिलीवरी फ्लीट का तेजी से इलेक्ट्रिफाइ कर रही है। कंपनी के मुताबिक, पिछले एक साल में उसका इलेक्ट्रिक वाहन बेड़ा दोगुना होकर 20,000 वाहनों के पार पहुंच चुका है।

EV Assist क्या करेगा?

फ्लिपकार्ट का कहना है कि EV Assist प्लेटफॉर्म डिलीवरी पार्टनर्स के सामने मौजूद उन चुनौतियों को दूर करने का प्रयास करता है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में बाधा बनती हैं।

इनमें वाहन खरीदने की लागत, फाइनेंसिंग की दिक्कतें और किराये पर उपलब्ध ऑप्शन तक सीमित पहुंच शामिल हैं। इस प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी पार्टनर्स अपनी लोकेशन और साप्ताहिक बजट के आधार पर विभिन्न इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ऑप्शन देख सकते हैं और सीधे वेरिफाइड मोबिलिटी सर्विस प्रोवाइडर से जुड़ सकते हैं।

कंपनी के अनुसार, लॉन्च के बाद से इस पहल को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। दिल्ली-एनसीआर, पटना और बेंगलुरु ऐसे शहर हैं जहां डिलीवरी पार्टनर्स ने सबसे अधिक रुचि दिखाई है। 

20% बढ़ सकती है डिलीवरी पार्टनर्स की इनकम

रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 90 प्रतिशत डिलीवरी पार्टनर्स हर महीने पेट्रोल पर 2,000 से 5,000 रुपये खर्च करते हैं। वहीं, उद्योग के अनुमान बताते हैं कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ईंधन और ऊर्जा लागत में 70 से 80 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं। कम रखरखाव खर्च के कारण डिलीवरी पार्टनर्स की आय में 15 से 20 प्रतिशत तक सुधार भी संभव है।

फ्लिपकार्ट ग्रुप के चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार तभी तेज होगा जब इसे लाखों लोगों के लिए आसान और किफायती बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल अपने संचालन को इलेक्ट्रिक बनाना नहीं, बल्कि ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जिससे डिलीवरी पार्टनर्स के लिए EV अपनाना व्यावहारिक और सुलभ बन सके।

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