
Assembly Elections results impact on Stock Market: चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव नतीजों से ठीक पहले शेयर बाजार में हलचल तेज होने के आसार हैं। 4 मई 2026 को आने वाले नतीजों के साथ घरेलू राजनीति और वैश्विक तनाव, दोनों निवेशकों के मूड को प्रभावित कर सकते हैं।
अप्रैल 2026 में बाजार ने मजबूत रैली दिखाई। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी50 करीब 5-6 फीसदी चढ़े, जबकि मिडकैप इंडेक्स 15 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 18.25 फीसदी से ज्यादा उछले। इस दौरान इंडिया VIX में 26 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, जो 18.5 के नीचे फिसल गया।
एग्जिट पोल क्या कहते हैं?
एग्जिट पोल के मुताबिक पश्चिम बंगाल में बीजेपी को पहली बड़ी जीत मिल सकती है, जबकि तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में मौजूदा सरकारों की वापसी के संकेत हैं। केरल में कांग्रेस-नीत यूडीएफ के सत्ता में आने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन चुनावों में कोई एक राष्ट्रीय ट्रेंड नहीं दिखा, बल्कि हर राज्य में स्थानीय मुद्दे- जैसे वेलफेयर, रोजगार और गवर्नेंस निर्णायक रहे।
बाजार पर क्या होगा असर और एक्सपर्ट्स की सलाह?
बिजनेस टुडे को मोतिलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि नतीजों के दिन घरेलू राजनीतिक घटनाक्रम निवेशकों की भावना को प्रभावित करेंगे, लेकिन असली मूवमेंट स्टॉक-स्पेशल खबरों और नतीजों से आएगा।
एसबीआई सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल ने कहा कि अगर ग्रोथ-ओरिएंटेड सरकार आती है तो थोड़े समय के लिए पॉजिटिव असर दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि में निवेशकों को फंडामेंटल्स पर ध्यान देना चाहिए।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने कहा कि बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क हैं। ट्रेडर्स को रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहिए और सेक्टर-विशेष अवसर तलाशने चाहिए।
रुपये पर नजर
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि चुनावी नतीजों के साथ अमेरिका-ईरान सीजफायर बातचीत भी बाजार की दिशा तय करेगी। उन्होंने बताया कि शॉर्ट टर्म में रुपये के लिए 95.45 सपोर्ट और 94.60 रेजिस्टेंस स्तर अहम रहेंगे।





