
India-Oman Trade Deal: भारत और ओमान के बीच ट्रेड एग्रीमेंट 1 जून 2026 से लागू हो सकता है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में इसको लेकर कहा था कि यह समझौता भारत की आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।
99% भारतीय निर्यात पर जीरो टैरिफ
दिसंबर 2025 में साइन किए गए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत ओमान, भारत को लगभग 99.38% प्रोडक्ट पर टैरिफ फ्री एंट्री देगा। वहीं, भारत ने अपनी कुल टैरिफ लाइन में से 77.79% सामान पर राहत देने की पेशकश की है, जो ओमान से आने वाले 94.81% सामान को कवर करती है।
FY 2024-25 में दोनों देशों के बीच हुआ कुल व्यापार लगभग 10.5 अरब डॉलर तक पहुंचा था, जिसमें भारत का निर्यात 4.06 अरब डॉलर और आयात 6.5 अरब डॉलर रहा।
समझौते में केवल माल निर्यात पर ही छूट नहीं है, बल्कि भारतीय सर्विस सेक्टर और कामगारों की आवाजाही को भी बढ़ावा मिलेगा। वेस्ट एशिया में करीब 6.75 लाख भारतीय रहते हैं, और ओमान दुनिया से लगभग 12.52 अरब डॉलर की सेवाएं आयात करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 5.31% है।
भारत को मिलने वाले लाभ
इस ट्रेड एग्रीमेंट से भारत को निर्यात पर टैरिफ में बड़ी छूट मिलेगी, सर्विस सेक्टर और श्रमिकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, आयुष और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए नया बाजार मिलेगा। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक लॉजिस्टिक मार्ग से भारत आर्थिक, रणनीतिक रूप से सभी क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में आ जाएंगा।
किन सेक्टर्स को होगा फायदा
जेम्स एंड ज्वेलरी, कपड़ा, चमड़ा, जूते, खेल के सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, फार्मा, मेडिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को टैरिफ फ्री एक्सेस मिलेगा। साथ ही, आयुष और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए ओमान नया बाजार तैयार कर रहा है।
ओमान का दक्षिणी होर्मुज हिस्से पर कंट्रोल
ओमान खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से पर अपना कंट्रोल रखता है। अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो दुनिया में तेल और गैस की समस्या हो सकती है। लेकिन ओमान के पास कंट्रोल होने की वजह से भारत के लिए दूसरा समुद्री रास्ता और सपोर्ट उपलब्ध रहता है। भारत ओमान से तेल और प्राकृतिक गैस LNG भी खरीदता है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत रहती है।






