
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने घरेलू दौरों में साथ चलने वाले काफिले का साइज आधा करने यानी 50% की कटौती करने को कहा ह। इंडिया टुडे के रिपोर्टर हिमांशु मिश्रा के रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल बरकरार रखते हुए उठाया गया है। सरकार इसे ईंधन बचत और जिम्मेदार व्यवहार का संदेश मान रही है।
बीते रविवार को हैदराबाद में दिए गए भाषण के बाद प्रधानमंत्री के गुजरात और असम दौरों के दौरान काफिले में वाहनों की संख्या घटाई है। हालांकि, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी SPG के तहत जरूरी सभी सुरक्षा इंतजाम पहले की तरह बनाए रखे गए ताकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी न आए।
काफिले में शामिल होंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए। इसके लिए नई खरीदारी नहीं की जाएगी, बल्कि मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।
यह कदम प्रधानमंत्री की उन ‘सात अपीलों’ से जुड़ा माना जा रहा है, जिनमें उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने की बात कही थी।
बीते रविवार को पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि आज के दौर में देशभक्ति सिर्फ सीमा पर बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में जिम्मेदार व्यवहार भी उसका हिस्सा है।
उन्होंने लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की थी।
पीएम के बाद इन नेताओं ने भी लिया बड़ा फैसला
प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत और आर्थिक आत्मरक्षा की अपील के बाद कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने बड़े फैसले लिए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री, भूपेन्द्र पटेल ने अपने आधिकारिक काफिले में आधे से ज्यादा गाड़ियां कम कर दी हैं और अमरेली के राजुला दौरे पर वे सिर्फ तीन वाहनों के साथ पहुंचे।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राज्य के भीतर हेलीकॉप्टर और हवाई यात्रा पूरी तरह रोकने का फैसला लिया है। उन्होंने ट्रेन, सरकारी बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करने का निर्णय लिया है और विश्वविद्यालयों में सप्ताह में एक दिन ‘केमिकल इंजन फ्री डे’ मनाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया और अपने काफिले में भी कटौती की। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री, भजन लाल शर्मा ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को काफिलों में न्यूनतम वाहन इस्तेमाल करने और पेट्रोल-डीजल बचाने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, मोहन यादव ने अपने काफिले को 13 गाड़ियों से घटाकर 8 कर दिया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने आधिकारिक दौरों पर पायलट और एस्कॉर्ट वाहन लेने से इनकार कर दिया।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने भी मंत्रियों, विधायकों और सरकारी फ्लीट इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों के काफिलों में 50% कटौती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग, मेट्रो, पीएनजी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।
खाद और खाने के तेल पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को खाद्य तेल आयात करने में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। उन्होंने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने की अपील करते हुए कहा कि हर घर छोटी बचत करेगा तो उसका बड़ा असर पड़ेगा।
उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल में कमी लाने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की भी अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था के साथ पर्यावरण को भी फायदा होगा।




