
Barrier free toll: देश के हाईवे टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने Multi-Lane Free Flow (MLFF) टोल सिस्टम की शुरुआत गुजरात के चोरयासी टोल प्लाजा (NH-48, सूरत-बड़ौदा रूट) से बीते 1 मई से कर दी है। यह देश का पहला ऐसा टोल है जहां गाड़ियां बिना रुके गुजरेंगी और टोल अपने आप कट जाएगा।
NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा कि यह सिस्टम ‘ज्यादा ट्रांसपेरेंट, तेज और यूजर-फ्रेंडली’ टोलिंग एक्सपीरियंस देगा। आने वाले समय में करीब 25 टोल प्लाजा पर इसे लागू करने की योजना है।
क्या है MLFF सिस्टम, कैसे करेगा काम?
MLFF एक बैरियर-फ्री टोल सिस्टम है, यानी टोल प्लाजा पर न बैरियर होगा, न रुकने की जरूरत। वाहन सीधे निकल जाएगा और टोल अपने आप कट जाएगा।
यह सिस्टम FASTag के साथ-साथ हाई-परफॉर्मेंस RFID रीडर्स और ANPR कैमरों से काम करता है, जो गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और टैग दोनों पढ़ते हैं। इसके बाद यूजर को मैसेज के जरिए टोल कटने की जानकारी मिलती है।
क्या होंगे फायदे?
इस नई व्यवस्था से हाईवे पर ट्रैफिक जाम कम होगा और सफर तेज बनेगा। गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे फ्यूल की बचत होगी और प्रदूषण भी घटेगा। सरकार के लिए भी टोल कलेक्शन ज्यादा प्रभावी और ट्रांसपेरेंट होगा। इसके अलावा अतिरिक्त लेन बनाने की जरूरत कम होगी और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा स्मार्ट बनेगा।
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
बिना FASTag, कम बैलेंस या खराब टैग वाले वाहनों के लिए सिस्टम अलग से सख्ती करेगा। Indian Highways Management Company Limited (IHMCL) ऐसे वाहन मालिकों को ई-नोटिस भेजेगा। उन्हें 72 घंटे के भीतर टोल जमा करना होगा, नहीं तो पेनल्टी दोगुनी हो जाएगी। अगर फिर भी भुगतान नहीं किया गया, तो वाहन से जुड़े जरूरी काम जैसे रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल, ट्रांसफर या फिटनेस सर्टिफिकेट रोक दिए जाएंगे।






