Why stock market is down today: ब्लैक मंडे! सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा, निफ्टी 500 पॉइंड से अधिक लुढ़का – ₹10.7 लाख करोड़ साफ; जानिए कारण

AhmadJunaidBlogMarch 23, 2026362 Views


Why is market down today: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,609.95 अंक गिरकर 72,923.01 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 515.2 अंक टूटकर 22,599.30 पर आ गया।

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दिग्गज शेयरों में भारी दबाव

बाजार की इस तेज गिरावट में बड़े शेयरों ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। एचडीएफसी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी और टाइटन जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली हावी रही। इन शेयरों के दबाव ने दोनों प्रमुख इंडेक्स को नीचे खींच लिया।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी लुढ़के

गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.82% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 3% तक फिसल गया। इससे साफ है कि बाजार में हर तरफ दबाव बना हुआ है।

निवेशकों की दौलत में बड़ा नुकसान

इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की करीब 10.7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 429.11 लाख करोड़ रुपये से घटकर 418.35 लाख करोड़ रुपये रह गया।

कमजोर मार्केट ब्रेड्थ से बढ़ी चिंता

मार्केट ब्रेड्थ भी बेहद कमजोर रही। कुल 3,855 शेयरों में से 3,053 शेयर गिरावट में रहे, जबकि सिर्फ 619 शेयरों में तेजी दिखी। यह आंकड़ा बिकवाली की तीव्रता को साफ दर्शाता है।

FIIs की बिकवाली जारी, DIIs का सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली जारी रखी और पिछले सत्र में 5,518 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,706 करोड़ रुपये की खरीदारी कर कुछ सहारा दिया।

क्या कह रहे हैं बाजार जानकार?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच गया है और इसके खत्म होने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। अनिश्चितता बहुत ज्यादा है और बाजार फिलहाल हालात पर नजर बनाए रखेगा।

उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक स्तर पर ‘रिस्क-ऑफ’ माहौल का असर सभी एसेट क्लास पर दिख रहा है। निवेशकों को घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए। रुपये की कमजोरी से फार्मा, ऑटो और आईटी सेक्टर को फायदा मिल सकता है।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने निवेशकों को सलाह दी कि वे इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में अनुशासित और सतर्क रणनीति अपनाएं।

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