
2026 में शेयर बाजार में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को झटका दिया है। साल की शुरुआत से अब तक Sensex करीब 12.51% और Nifty लगभग 11.47% टूट चुके हैं। इससे खासकर रिटेल निवेशकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि महज तीन महीने पहले ही बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर था।
1 दिसंबर 2025 को Sensex 86,159.02 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था, जबकि Nifty ने 5 जनवरी 2026 को 26,373 का रिकॉर्ड बनाया था। अब लगातार गिरावट के बीच निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें अपनी Systematic Investment Plan (SIP) जारी रखना चाहिए या नहीं? चलिए एक्सपर्ट्स से जानते हैं।
गिरावट में SIP का फायदा
Geojit Investments के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट गौरांग शाह का कहना है कि मौजूदा गिरावट के दौरान SIP बंद करना समझदारी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि बाजार में गिरावट के समय SIP निवेशकों को उसी रकम में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बनती है।
शाह के मुताबिक मैं सीधे इक्विटी में निवेश नहीं कर सकता क्योंकि कुछ कंप्लायंस से जुड़े नियम हैं। इसलिए मैंने अपने SIP बंद नहीं किए हैं और मौका मिलने पर म्यूचुअल फंड के जरिए लंपसम निवेश भी करता हूं।
उन्होंने बताया कि गिरते बाजार में निवेशक उन स्तरों की तुलना में ज्यादा यूनिट्स खरीद सकते हैं, जब Nifty 26,000 या 26,300 के आसपास था।
किन सेक्टरों में दिख सकता है मौका?
शाह का मानना है कि निवेशकों को बाजार से पूरी तरह बाहर बैठने के बजाय चुनिंदा सेक्टरों में निवेश के मौके तलाशने चाहिए। उन्होंने खास तौर पर बैंकिंग, आईटी, फार्मा मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक्स, पावर जेनरेशन और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे क्षेत्रों पर नजर रखने की सलाह दी।
उनके अनुसार, मौजूदा बाजार गिरावट निवेशकों के लिए लंबी अवधि के लिहाज से अवसर भी बन सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो नियमित SIP के जरिए निवेश करते हैं।





