
Anand Mahindra: दिग्गज बिजनेसमैन और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा हर हफ्ते सोमवार को अपने मंडे मोटिवेशन पोस्ट में उन लोगों का जिक्र करते हैं जिनके कामों से बाकी लोगों को मोटिवेशन मिले। आज उन्होंने अपने पोस्ट में भारतीय बिजनेस मैन धीरज जैन की जमकर तारीफ की है। धीरज द्वारा किए गए इस काम को उन्होंने भारतीय संस्कार अतिथि देवो भव का उदाहरण बताया है।
आनंद महिंद्रा हुए जैन से इंप्रेस
अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए महिंद्रा लिखते हैं कि जब कई फ्लाइट्स सस्पेंड हो गई थीं और यात्री व उनके परिवार परेशान हो रहे थे, तब उस वक्त धीरज ने अपने फार्महाउस के दरवाजे खोलकर सभी भारतीयों का स्वागत किया।
धीरज की यह दयालुता भारतीय संस्कार अतिथि देवो भव का सच्चा उदाहरण है। भारतीय कहीं भी रहते हों, वे अपने यह संस्कार साथ लेकर चलते हैं। पोस्ट के आखिर में वे कहते हैं कि कभी-कभी लोगों के मन में एक दूसरे के लिए चाहत विश्वास जगाने के लिए केवल एक व्यक्ति की ही जरूरत होती है।
फंसे हुए यात्रियों को दिया आसरा
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच हवाई यात्रा काफी प्रभावित हुई है। कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को रद्द कर दिया है। इसके कारण लोगों को होटल और रहने के ठिकाने ढूंढने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और अथॉरिटीज की मदद का इंतजार करने की जगह राजस्थान के बिजनेस मैन धीरज जैन ने खुद सामने आकर लोगों की मदद करने का फैसला किया। उन्होंने अजमान में स्थित अपने फार्महाउस का गेट खोलकर वहां फंसे भारतीयों को अपने फार्महाउस में आसरा दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक जैन ने 11 गाड़ियों का भी इंतजाम किया था, जिनकी मदद से दुबई में फंसे परिवारों को उनके फार्महाउस तक लाया जा सके। उनके इस कदम के बाद करीब 200 से ज्यादा भारतीय यात्रियों को उनके फार्महाउस तक लाया गया, जहां उन्हें ठहराया गया।
जैन के फार्महाउस में दो बड़े हॉल, टेंट और गद्दे, घर जैसा बना खाना जैसी चीजों से यात्रियों को काफी आराम मिला। जो यात्री अब तक फंसे हुए और डरे हुए थे, जैन के फार्महाउस में आने के बाद उन्होंने खुद को सुरक्षित महसूस किया। योगा सेशन, क्रिकेट खेलना, साथ में बैठकर खाना जैसी चीजों से यात्रियों से भरा हुआ यह फार्महाउस एक छोटी सी कम्युनिटी जैसा बन गया था।
जैन ने एक वीडियो साझा कर बताया कि फ्लाइट्स शुरू होने के बाद करीब 150 यात्री वापस घर जा चुके हैं और अब उनके फार्महाउस में करीब 80 से 90 लोग बचे हैं।
लोगों में जगा विश्वास
इंटरनेट पर जैन के इस कदम की काफी तारीफ हो रही है और साथ ही इससे जुड़े वीडियो भी शेयर हो रहे हैं। वीडियो में लोग चाय पीते हुए अपनी जीवन की कहानियां सुना रहे हैं, खेल रहे हैं, जिन्होंने लोगों का दिल जीत लिया है।
जैन द्वारा लोगों की मदद के लिए आगे आने से यह साफ दिखता है कि करुणा और संवेदनशीलता देशों की सीमाओं से बढ़कर है। जहां एक तरफ दुनिया में युद्ध के चलते अस्थिरता बढ़ रही है, वहीं जैन ने अपने घर में अलग-अलग क्षेत्र, प्रोफेशन और बैकग्राउंड के लोगों को एक साथ लाकर मिसाल पेश की है।






