Budget 2026 से टेक सेक्टर को बड़ी उम्मीदें, AI और मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगा फोकस?

AhmadJunaidBlogJanuary 18, 2026363 Views


Union Budget 2026: टेक इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बाद अब टेक सेक्टर के दिग्गज आगामी बजट से अपनी-अपनी उम्मीदें लगा रहे है। वित्त वर्ष 27 के लिए देश का आम बजट रविवार 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। लेकिन उससे पहले यह जानना जरूरी है कि इस बार के बजट से टेक सेक्टर को क्या उम्मीदें हैं?

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Ai+ स्मार्टफोन के फाउंडर और सीईओ, माधव शेठ ने कहा कि भारत का कंज्यूमर टेक सेक्टर अब सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि एक बड़े बदलाव के दौर में है। जैसे-जैसे एआई से जुड़े डिवाइस ज्यादा स्मार्ट और महंगे हो रहे हैं, वैसे-वैसे जरूरत है कि 2027 का केंद्रीय बजट केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रहे। जरूरी है कि भारत में असली वैल्यू क्रिएशन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कैमरा मॉड्यूल, बैटरी, पीसीबी, बॉडी पार्ट्स, चार्जर और वियरेबल्स जैसे अहम कंपोनेंट्स का निर्माण देश में ही हो सके।

इसके साथ ही रिसर्च, डेवलपमेंट और सिस्टम डिजाइन व सॉफ्टवेयर आधारित इनोवेशन से जुड़ी IP को सपोर्ट देना भी बेहद जरूरी है। मजबूत सप्लाई चेन बनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि हमारी स्ट्रैटेजी जरूरत बन चुका है। इससे चीन पर निर्भरता कम होगी और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

1Point1 सॉल्यूशंस के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर, अक्षय छाबड़ा ने कहा कि जैसे-जैसे भारत तेजी से डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहा है, एआई, एनालिटिक्स और डेटा आधारित प्लेटफॉर्म अब आर्थिक विकास के अहम इंजन बनते जा रहे हैं। आईटी-बीपीएम और टेक-आधारित कस्टमर एक्सपीरियंस जैसे सेक्टरों के लिए एआई अब कोई प्रयोग नहीं रह गया है, बल्कि उत्पादकता बढ़ाने, बेहतर फैसले लेने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बनाए रखने का जरूरी साधन बन चुका है।

केंद्रीय बजट 2026 में एआई को अपनाने से आगे बढ़ाकर बड़े पैमाने पर लागू करने का मौका है। इसके लिए रिसर्च और डेवलपमेंट को समर्थन, निवेश से जुड़े प्रोत्साहन और निजी पूंजी को बढ़ावा देने वाली नीतियां अहम होंगी। साथ ही, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास, मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा और व्यावहारिक डेटा गवर्नेंस भी जरूरी है, ताकि एंटरप्राइज स्तर पर एआई का सही इस्तेमाल हो सके। सही नीतिगत सहयोग से भारत एआई आधारित सेवाओं, इनोवेशन और उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल टैलेंट के लिए एक ग्लोबल हब बन सकता है।

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