हाईवे होंगे बैरियर-फ्री, बिना रुके कटेगा टोल टैक्स – जानिए नितिन गडकरी का क्या है प्लान

AhmadJunaidBlogApril 27, 2026358 Views


देश के नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। आजतक के रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कर दिया है कि सरकार देश के हाईवे को पूरी तरह ‘बैरियर-फ्री’ बनाने की तैयारी में है। इसका मतलब है कि अब गाड़ियां बिना रुके फर्राटा भरेंगी और टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा।

लॉजिस्टिक्स पॉवर समिट 2026 के दौरान नितिन गडकरी ने इस नए सिस्टम का रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2026 तक कई प्रमुख नेशनल हाईवे पर सीमलेस टोलिंग की शुरुआत हो जाएगी। इस सिस्टम में न तो कोई बैरियर होगा और न ही ड्राइवर को कहीं रुकना पड़ेगा। आधुनिक तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस कैमरे आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को पढ़ लेंगे और फास्टैग (FASTag) के जरिए सीधे बैंक खाते से पैसा कट जाएगा। इसे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्ननिशन यानी ANPR तकनीक कहा जाता है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

नितिन गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग इस डिजिटल सिस्टम के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। अगर कोई वाहन बिना टोल दिए निकलता है, तो उसे तुरंत ई-नोटिस भेजा जाएगा। समय पर भुगतान न करने की स्थिति में फास्टैग को सस्पेंड करने के साथ-साथ ‘वाहन’ पोर्टल के जरिए अन्य जुर्माने भी लगाए जा सकते हैं। इस पूरी कवायद का मकसद टोल चोरी रोकना और सफर को बेहद सुगम बनाना है।

नितिन गडकरी का मानना है कि भारत को दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने डेटा साझा करते हुए बताया कि आईआईटी मद्रास, कानपुर और आईआईएम बेंगलुरु की रिपोर्ट के अनुसार, नए एक्सप्रेसवे बनने से भारत में लॉजिस्टिक्स लागत 16 प्रतिशत से गिरकर 10 प्रतिशत पर आ गई है।

गडकरी ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में यह आंकड़ा करीब 12 प्रतिशत है, जबकि चीन में 8 से 10 प्रतिशत के बीच है। सरकार का लक्ष्य इसे जल्द ही सिंगल डिजिट (9% से कम) में लाना है, ताकि व्यापार में आसानी हो।

ग्रीन फ्यूल से होगा भविष्य का सुधार

प्रदूषण और कच्चे तेल के भारी आयात पर चिंता जताते हुए नितिन गडकरी ने ग्रीन फ्यूल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का तेल बाहर से मंगवाता है। इसे कम करने के लिए बायोफ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने भविष्य के ईंधन के रूप में हाइड्रोजन की वकालत की, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाइड्रोजन स्टेशनों की लागत कम करना एक चुनौती है। 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को पूरा करने में ये बेहतर सड़कें और सस्ता ईंधन ही सबसे बड़े हथियार साबित होंगे।

0 Votes: 0 Upvotes, 0 Downvotes (0 Points)

Leave a reply

Loading Next Post...
Search Trending
Popular Now
Loading

Signing-in 3 seconds...

Signing-up 3 seconds...