
YouTube News: यूट्यूब अपने प्रीमियम ग्राहकों के लिए दो बेहद खास फीचर्स की टेस्टिंग कर रहा है, जो वीडियो देखने के एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदलने वाले हैं। ‘ऑटो स्पीड’ और ‘ऑन-द-गो’ नाम के ये फीचर्स फिलहाल उन यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं जिन्होंने यूट्यूब प्रीमियम का सब्सक्रिप्शन लिया हुआ है। कंपनी का मकसद इन बदलावों के जरिए यूजर्स के समय की बचत करना और प्लेबैक कंट्रोल को पहले से ज्यादा आसान बनाना है।
‘एंड्रॉयड अथॉरिटी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो स्पीड फीचर वीडियो की प्लेबैक स्पीड को अपने आप एडजस्ट करता है। यूट्यूब का दावा है कि यह तकनीक इस तरह काम करती है कि वीडियो जल्दी खत्म हो जाता है और यूजर को पूरी बात आसानी से समझ भी आ जाती है। यानी अब आपको बार-बार मैन्युअली स्पीड बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कैसे काम करेंगे ये नए फीचर्स?
अगर आप इस फीचर का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको वीडियो के ‘प्लेबैक स्पीड कंट्रोल’ मेन्यू में जाना होगा, जहां आपको ‘ऑटो स्पीड’ का विकल्प दिखेगा। हालांकि, यूट्यूब ने यह भी साफ किया है कि जो वीडियो इस फीचर को सपोर्ट नहीं करेंगे, वहां यह विकल्प नहीं दिखाई देगा।
दूसरा नया फीचर ‘ऑन-द-गो’ खास तौर पर पॉडकास्ट और टॉक शो जैसे ऑडियो आधारित कंटेंट के लिए डिजाइन किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि वीडियो देखते या सुनते समय यूजर कमेंट्स या अन्य विजुअल चीजों से परेशान नहीं होगा और प्लेबैक को आसानी से कंट्रोल कर पाएगा। इसे सेटिंग्स में जाकर मैन्युअली भी शुरू किया जा सकता है, लेकिन इसमें एक स्मार्ट तकनीक भी दी गई है। अगर आपका फोन अनलॉक है और वह 60 सेकंड तक लगातार मोशन (हलचल) डिटेक्ट करता है, तो यह फीचर अपने आप एक्टिवेट हो जाएगा।
टेस्टिंग की समय सीमा और उपलब्धता
यूट्यूब के अनुसार ‘ऑटो स्पीड’ एंड्रॉयड और आईओएस (iOS) दोनों पर काम करेगा, जबकि ‘ऑन-द-गो’ को फिलहाल आधिकारिक तौर पर सिर्फ एंड्रॉयड के लिए बताया गया है।
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि इसे आईओएस पर भी देखा गया है। इन फीचर्स को आजमाने के लिए यूजर्स के पास 27 अप्रैल तक का समय है। इसके बाद गूगल यह तय करेगा कि इन्हें हमेशा के लिए रखा जाए या हटा दिया जाए।






