
Petrol-Diesel News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (Special Additional Excise Duty) में बड़ी कटौती की है। सरकारी आदेश के मुताबिक पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से घटाकर शून्य कर दी गई है। यानी दोनों फ्यूल पर ₹10 प्रति लीटर की राहत दी गई है।
क्या आम लोगों को मिलेगा फायदा?
इसका जवाब है नहीं। दरअसल स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनिया (OMCs) जैसे BPCL, BPCL, Indian Oil को मिलेगा ना की आम लोगों को। इसलिए पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कीमत जैसी थी वैसी ही रहेंगी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में यह कटौती तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए की है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें करीब $70 से बढ़कर $122 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। ऐसे में सरकार के सामने विकल्प था कि पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाए या खुद कुछ हिस्सा वहन किया जाए।
उन्होंने साफ कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं और कंपनियों- दोनों को राहत देने के लिए उठाया गया है, ताकि ग्लोबल झटकों का असर सीमित रखा जा सके।
वैश्विक संकेतों से थोड़ी राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ बातचीत ‘काफी अच्छी’ बताई, कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है। इससे आयात पर निर्भर भारत जैसे देशों के लिए तत्काल दबाव कुछ कम हुआ है।
एक्सपोर्ट टैक्स में बदलाव
सरकार ने साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर भी टैक्स में बदलाव किया है। डीजल पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाकर ₹21.5 प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट टैक्स शून्य रखा गया है।
पड़ोसी देशों- नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को होने वाले निर्यात को इन टैक्स से छूट दी गई है।
एविएशन सेक्टर को बड़ी राहत
सरकार ने घरेलू एविएशन फ्यूल को टैक्स-फ्री कर दिया है और विदेशी उड़ानों के लिए भी बेसिक ड्यूटी में छूट दी है। इससे एयरलाइंस की लागत घटेगी और भारतीय एयरपोर्ट्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलेगी।






