
Jio Platforms IPO: मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी Jio Platforms के IPO की योजना फिलहाल अनिश्चितता में फंसती दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लिस्टिंग नियमों में बदलाव को लेकर सरकार की ओर से औपचारिक अधिसूचना में देरी के कारण कंपनी की तय समयसीमा प्रभावित हो सकती है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस सरकार की ओर से नियमों को अंतिम रूप देने का इंतजार कर रही है ताकि वह औपचारिक रूप से निवेश बैंकर नियुक्त कर सके और IPO के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर सके।
अप्रैल से पहले फाइलिंग की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स अब सरकारी अधिसूचना आने पर अप्रैल से पहले ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने का देख रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के पास भारत का सबसे बड़ा वायरलेस ऑपरेटर है और इसका IPO रिलायंस ग्रुप की किसी बड़ी इकाई की लगभग दो दशक बाद संभावित लिस्टिंग माना जा रहा है। बाजार में यह भी चर्चा है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है।
SEBI ने बदले थे नियम
सितंबर 2025 में सेबी ने लिस्टिंग नियमों में संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके तहत 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप वाली कंपनियों को IPO में न्यूनतम 2.5% हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दी जा सकती है।
वर्तमान नियमों के तहत कंपनियों को कम से कम 5% सार्वजनिक हिस्सेदारी जारी करनी होती है। यह बदलाव बड़े आकार के IPO को अत्यधिक बड़ा होने से रोकने के लिए प्रस्तावित किया गया था।
हालांकि सरकार ने अभी तक इस नए नियम को औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया है। प्रस्ताव आर्थिक मामलों के विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है और इसके बाद ही गजट नोटिफिकेशन जारी होगा।
बड़े IPO के लिए अहम बदलाव
यह नियम बदलाव जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसे संभावित बड़े IPO के लिए अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स ने पिछले महीने संभावित IPO में भूमिका निभाने के लिए निवेश बैंकों से प्रस्ताव भी मांगे थे।
वैल्यूएशन पर चर्चा
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 2026 की शुरुआत से मध्य के बीच आने की चर्चा है। बाजार में कंपनी की संभावित वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 170 अरब डॉलर के बीच बताई जा रही है, जबकि कुछ अनुमानों में इसे 180 अरब डॉलर तक आंका गया है।
2020 में Meta Platforms और Alphabet (Google की पेरेंट कंपनी) सहित कई वैश्विक टेक कंपनियों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में मिलकर करीब 10 अरब डॉलर का निवेश किया था।






