
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आगामी 1 फरवरी को बजट पेश करने से पहले एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के एक्सपर्ट ने आज अपनी उम्मीदें बताई है। चलिए जानते हैं इस बार के बजट से इस सेक्टर को सरकार से क्या उम्मीदें हैं।
रघु वामसी एयरोस्पेस ग्रुप के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, वामसी विकास ने कहा कि आज भारत में रक्षा निर्माण को लेकर न तो इरादों की कमी है और न ही सपनों की। बीते कुछ सालों में उद्योग ने अच्छी तकनीकी क्षमता विकसित की है, मजबूत ढांचा बनाया है और रक्षा जरूरतों के मुताबिक कुशल लोग तैयार किए हैं। अब चुनौती यह है कि इस पूरे सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ कैसे बनाया जाए, ताकि योजनाएं सिर्फ शुरुआत तक सीमित न रहें बल्कि सही तरीके से बड़े स्तर पर सफल हो सकें।
असल परेशानी तब आती है जब कोई रक्षा परियोजना शुरुआती उत्पादन से बड़े पैमाने पर पहुंचती है। इसी दौर में खर्च बढ़ता है, टेस्टिंग और सुधार के कारण देरी होती है और कई बार प्रोजेक्ट की रफ्तार भी धीमी पड़ जाती है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में किया गया निवेश लंबे समय का होता है, लेकिन हर साल खर्च एक जैसा नहीं रहता। इसका असर फैक्ट्रियों की प्लानिंग, क्वालिटी सिस्टम, नियमों के पालन और बिक्री के बाद की सेवाओं पर पड़ता है, भले ही कुल बजट स्थिर दिखे।
रक्षा निर्यात को लेकर आज दुनिया भारत में दिलचस्पी दिखा रही है, लेकिन इसे घरेलू खरीद जैसा नहीं माना जा सकता। विदेशों में भरोसा बनाने के लिए पहले से नियमों का पालन, जरूरी सर्टिफिकेशन, सही कागजी काम और लंबे समय तक सपोर्ट देने की तैयारी करनी पड़ती है। अगर केंद्रीय बजट इन हकीकतों को समझते हुए उद्योग को सही दिशा में समर्थन दे, बिना जरूरत से ज्यादा दखल के, तो इससे देश की सुरक्षा भी मजबूत होगी और अर्थव्यवस्था को भी लंबे समय में फायदा मिलेगा।






