National Lok Adalat 2025: 13 सितंबर को ट्रैफिक चालान करवा सकेंगे माफ या कम! जानिए कैसे होगा और आपको क्या करना है

AhmadJunaidBlogSeptember 12, 2025443 Views


National Lok Adalat 2025: नेशनल लोक अदालत 2025 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी, जिससे देशभर के वाहन मालिक लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा कर सकेंगे। 

यह एक सरकारी पहल है जिसका मकसद छोटे-मोटे कानूनी मामलों को जल्दी और कोर्ट के बाहर सुलझाना है। इस बार लोक अदालत में खासतौर पर आम ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले मामले शामिल होंगे, जैसे बिना हेलमेट या सीट बेल्ट चलाना, ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग या PUC न होना।

सम्बंधित ख़बरें

जो लोग इस लोक अदालत में हिस्सा लेंगे, उन्हें चालानों पर जुर्माना कम या पूरी तरह माफ भी किया जा सकता है। नेशनल लोक अदालत लोगों को बिना झंझट और आसान तरीके से अपने ट्रैफिक चालान को सुलझाने का मौका देगी। 

हालांकि, गंभीर अपराध जैसे नशे में गाड़ी चलाना, हिट-एंड-रन, लापरवाह ड्राइविंग से मौत इस दायरे से बाहर रहेंगे।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

दिल्ली लोक अदालत में हिस्सा लेने के लिए वाहन मालिकों को traffic.delhipolice.gov.in वेबसाइट पर जाकर ‘Delhi State Legal Service Authority’ विकल्प चुनना होगा। रजिस्ट्रेशन फॉर्म में नाम, कॉन्टैक्ट नंबर, वाहन नंबर और लंबित चालान की जानकारी भरनी होगी। सफल सबमिशन के बाद टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर ईमेल या एसएमएस से मिलेगा। यह दस्तावेज लोक अदालत में दिखाना जरूरी होगा।

सुनवाई के दिन

  • अपॉइंटमेंट लेटर और टोकन नंबर साथ लाएं
  • वाहन संबंधी मूल दस्तावेज और चालान रसीदें दिखाएं
  • समय पर प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें

दिल्ली में यहां लगेगी लोक अदालत

चालानों के निपटारे के लिए दिल्ली में ये अदालतें निर्धारित की गई हैं:

  • द्वारका कोर्ट
  • तिहाड़ज़ी (तिस हजारी) कोर्ट
  • रोहिणी कोर्ट
  • राउज एवेन्यू कोर्ट
  • कड़कड़डूमा कोर्ट
  • पटियाला हाउस कोर्ट
  • साकेत कोर्ट

इसके अलावा, दिल्ली हाई कोर्ट, उपभोक्ता विवाद आयोग और अन्य स्थायी लोक अदालतों में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा।

कौन से चालान होंगे माफ या कम?

  • सीट बेल्ट या हेलमेट न पहनना
  • ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना
  • ओवरस्पीडिंग
  • गलत पार्किंग
  • PUC न होना
  • लाइसेंस या फिटनेस सर्टिफिकेट की कमी
  • गलत लेन में चलाना
  • बिना नंबर प्लेट ड्राइविंग

लोक अदालत में हिस्सा लेने के फायदे

  • चालानों पर जुर्माना कम या माफी
  • जल्दी और आसान समाधान
  • कोई मुकदमेबाजी खर्च नहीं
  • अदालतों पर बोझ कम



0 Votes: 0 Upvotes, 0 Downvotes (0 Points)

Leave a reply

Loading Next Post...
Search Trending
Popular Now
Loading

Signing-in 3 seconds...

Signing-up 3 seconds...