
Mutual Fund Data August 2025: अगस्त 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो ₹33,430 करोड़ रहा, जो जुलाई के ₹42,702 करोड़ से 22% कम है। पिछले साल अगस्त 2024 में यह आंकड़ा ₹38,239 करोड़ था।
इस गिरावट के बावजूद, यह लगातार 54वां महीना है जब इक्विटी फंड्स में पॉजिटिव इनफ्लो दर्ज हुआ है जो भारतीय इक्विटी में निवेशकों का भरोसा दिखाता है।
किस कैटेगरी में कितने इनफ्लो?
अगस्त में कुल कितना AUM?
अगस्त में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में हल्की गिरावट दर्ज की गई। कुल AUM ₹75.18 लाख करोड़ रहा, जो जुलाई के ₹75.35 लाख करोड़ के मुकाबले थोड़ा कम है।
इसी दौरान, अगस्त में कुल 23 नई ओपन-एंडेड स्कीम्स लॉन्च की गईं, जिनसे ₹2,859 करोड़ की राशि जुटाई गई। जबकि जुलाई में 30 नई स्कीम्स के जरिए कुल ₹30,416 करोड़ का इनफ्लो देखने को मिला था। SIP योगदान की बात करें तो यह लगभग ₹27,000 करोड़ पर स्थिर बना रहा।
एक्सपर्ट की राय
Motilal Oswal AMC के अखिल चतुर्वेदी ने कहा कि जुलाई के मुकाबले अगस्त में फंड का फ्लो थोड़ा कम इसलिए रहा क्योंकि इस बार नए फंड ऑफर (NFO) कम लॉन्च हुए। हालांकि, उन्होंने कहा कि फ्लो का रुझान अभी भी ठीक है और SIP में निवेश लगातार बना हुआ है। साथ ही, घरेलू निवेशक अब ज्यादा पैसा इक्विटी में लगा रहे हैं, जो बाजार के लिए अच्छा संकेत है।
Mirae Asset के सुरंजन बोरठाकुर ने कहा कि जुलाई में जिस तरह जबरदस्त इनफ्लो आया था, उसके बाद अगस्त में थोड़ा ठहराव देखने को मिला। लेकिन मिड और स्मॉल-कैप फंड्स ने लगातार दूसरे महीने ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की रकम जुटाई है। उन्होंने ये भी बताया कि फ्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप फंड्स अभी भी लंबी अवधि के लिए निवेशकों की पसंद बने हुए हैं।
Morningstar India के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि इनफ्लो में थोड़ी कमी दिख रही है, जो बताती है कि निवेशक अभी थोड़ा सतर्क हैं और ग्लोबल लेवल पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। लेकिन अच्छी बात ये है कि घरेलू निवेशक अब भी इक्विटी में भरोसा दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि जीएसटी सुधार और कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीद से निवेशकों का कॉन्फिडेंस बना हुआ है।
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