
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन (Amazon) के फाउंडर जेफ बेजोस एक बार फिर कॉरपोरेट जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) के पास जमा किए गए अमेजन के साल 2026 के प्रॉक्सी दस्तावेजों के अनुसार, बेजोस की सालाना सैलरी महज 81,400 डॉलर (करीब 76 लाख रुपये) है। यह आंकड़ा साल 1998 के बाद से अब तक नहीं बदला है।
हालांकि उनकी कुल संपत्ति 250 अरब डॉलर (लगभग 23.29 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा हो चुकी है। अमेजन ने पिछले साल बेजोस की सुरक्षा और व्यावसायिक यात्राओं पर 16 लाख डॉलर खर्च किए हैं। फोर्ब्स के रियल टाइम अरबपतियों की लिस्ट में जेफ बेजोस तीसरे नबंर पर हैं और उनकी संपत्ति 258.2 बिलियन डॉलर है।
सैलरी कम तो संपत्ति इतनी कैसे?
बेजोस की संपत्ति का असली राज उनकी सैलरी नहीं, बल्कि अमेजन में उनकी हिस्सेदारी है। उनके पास कंपनी के लगभग 8% शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 200 अरब डॉलर से अधिक है।
टेक सेक्टर के बड़े लीडर्स के बीच यह एक ट्रेंड बन गया है, जहां वे मोटी सैलरी के बजाय इक्विटी यानी शेयरों को तवज्जो देते हैं। इस रणनीति के पीछे बेजोस का तर्क काफी साफ है। उनका मानना है कि चूंकि उनके पास अमेजन में बड़ी हिस्सेदारी है, इसलिए उन्हें अलग से मोटी सैलरी की जरूरत नहीं है। ऐसा करके वे खुद को सीधे कंपनी के शेयरधारकों के हितों से जोड़ लेते हैं। उनका पूरा ध्यान शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय लंबी अवधि की ग्रोथ पर रहता है।
बेजोस की सुरक्षा पर होता है बड़ा खर्च
भले ही बेजोस की सैलरी मामूली लगे, लेकिन उनकी सुरक्षा पर होने वाला खर्च काफी बड़ा है। कंपनी इस खर्च को उनकी ग्लोबल साख और सुरक्षा जोखिमों के हवाले से सही ठहराती है। अमेजन के मैनेजमेंट का मानना है कि कंपनी के सुचारू संचालन और जोखिम प्रबंधन के लिए बेजोस की सुरक्षा अनिवार्य है। उनकी आय का मुख्य जरिया अमेजन के शेयरों की बढ़ती कीमत है। जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ी, उनकी संपत्ति पे-चेक के बजाय इक्विटी के जरिए कई गुना बढ़ गई।






