टैक्सपेयर के निधन के बाद उनके आईटीआर फाइल करने और टीडीएस रिफंड लेने की जिम्मेदारी किसकी होगी?

AhmadJunaidBlogMarch 5, 2026361 Views


इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वाली करोड़ों लोगों के लिए यह खबर काफी मददगार साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि आईटीर भरने वालों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि अगर किसी कारण से उनकी मृत्यु हो जाए, तो ऐसे में उनके आईटीआर फाइल करने और टीडीएस रिफंड लेने की जिम्मेदारी किसकी होगी? चलिए आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे। 

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अगर किसी कारण से टैक्सपेयर की मृत्यु हो जाए, तो ऐसे में उनके आईटीआर फाइल करने और टीडीएस रिफंड लेने की जिम्मेदारी उनके कानूनी वारिसों की होगी। यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मृतक ने कोई वसीयत बनाई थी या नहीं। 

अगर वसीयत वैध हो तो?

अगर मृतक ने पहले से ही अपनी वैध वसीयत बनाई थी तो वसीयत के एग्जीक्यूटर को आईटीआर फाइल करना होता है। पहला आईटीआर मृतक की मृत्यु से लेकर उस कारोबारी साल की 31 मार्च तक भरना होता है और जब तक संपत्ति को पूरी तरह से सही लोगों में नहीं बांट दिया जाता, तब तक हर साल आईटीआर फाइल करना होता है।

अगर वसीयत नहीं है तो क्या करें?

एक्सपर्ट की मानें तो अगर मृतक ने अपनी वसीयत नहीं बनाई है तो ऐसे में इसे इंटेस्टेट यानी बिना वसीयत का मामला माना जाता है। वसीयत न होने पर मृतक की संपत्ति उसके कानूनी वारिसों में बांट दी जाती है। संपत्ति बांटने के लिए पर्सनल लॉ के नियमों का पालन किया जाता है। ऐसे मामलों में 1 अप्रैल से लेकर मृत्यु की तारीख तक की आय पर लागू एक ही आईटीआर भरना पडता है। यह आईटीआर मृतक के कानूनी वारिसों को फाइल करना होता है।

किसकी होती है रिफंड और टैक्स की जिम्मेदारी?

वसीयत मौजूद होने पर मृतक के कानूनी वारिस मृतक की बची हुई टैक्स देनदारी (Tax Liability) चुकाने के जिम्मेदार होते हैं। 1 अप्रैल से मृत्यु की तारीख तक की आय पर जो भी टैक्स बनता है, उसे जमा करने की जिम्मेदारी मृतक के कानूनी वारिसों की होती है। इसके साथ ही अगर मृतक के नाम पर टीडीएस कटा हो और उस पर रिफंड बनता हो, तो कानूनी वारिस आईटीआर फाइल करके उस रिफंड को क्लेम कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन करना जरूरी

मृतक का आईटीआर भरने से पहले उनके कानूनी वारिस को आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर खुद को लीगल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में रजिस्टर कराना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही वे मृतक की ओर से आईटीआर फाइल कर सकते हैं।

कौन से दस्तावेज हैं जरूरी?

आयकर विभाग के अनुसार रजिस्ट्रेशन के लिए इनमें से कोई एक दस्तावेज मृतक के कानूनी वारिस के पास होना जरूरी है:

  • अदालत या फिर स्थानीय रेवेन्यू अथोरिटी की ओर से जारी होने वाला लीगल हेयर सर्टिफिकेट
  • केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी फैमिली पेंशन सर्टिफिकेट
  • रजिस्टर्ड वसीयत
  • बैंक या किसी वित्तीय संस्थान का आधिकारिक पत्र, जिसमें नॉमिनी या जॉइंट खाताधारक की जानकारी हो।

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