
अगर आप नया लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो शायद अब और इंतजार करना आपको महंगा पड़ सकता है। ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप की किल्लत और एआई (AI) कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण लैपटॉप की कीमतें बढ़ सकती हैं।
डेल (Dell) और एचपी (HP) जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने दाम बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं, जिसका असर जल्द ही आम खरीदारों की जेब पर दिखने लगेगा।
चिप की कमी से बढ़ी मुसीबत
इस पूरी समस्या की जड़ सप्लाई चेन में छिपी है। लैपटॉप और गेमिंग डिवाइस के लिए जरूरी DRAM और NAND जैसे कंपोनेंट्स की कीमतें अब स्थिर नहीं रह गई हैं। रिसर्च फर्म IDC के मुताबिक, इस साल मेमोरी मार्केट पर जबरदस्त दबाव है क्योंकि सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही है जितनी मांग है। इसका सीधा असर अब आपके और हमारे द्वारा खरीदे जाने वाले हार्डवेयर पर पड़ रहा है।
डेल ने प्राइस बढ़ोतरी की ओर पहला कदम उठा भी लिया है। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार, डेल ने 32GB मेमोरी वाले अपने ‘प्रो’ और ‘प्रो मैक्स’ नोटबुक और डेस्कटॉप की कीमतों में 130 डॉलर से 230 डॉलर तक की बढ़ोतरी की है।
वहीं, एचपी के चीफ एग्जीक्यूटिव ने नवंबर की अर्निंग कॉल में साफ किया कि वे ‘एकमुश्त’ कीमतें बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे मेमोरी की बढ़ती लागत को मुख्य वजह बताया है।
दिग्गजों ने दी चेतावनी
इंडस्ट्री के बड़े नाम इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं। लेनोवो के चीफ एग्जीक्यूटिव यांग युआनकिंग ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमत के कारण पीसी शिपमेंट पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, इंटेल के लिप-बू टैन का मानना है कि इस स्थिति से साल 2028 तक राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
यहां तक कि एप्पल के चीफ एग्जीक्यूटिव टिम कुक ने भी स्वीकार किया है कि मेमोरी की कीमतें काफी बढ़ रही हैं, जिससे मुनाफे पर असर पड़ सकता है। एलन मस्क ने तो टेस्ला की अर्निंग कॉल में इस संकट को ‘चिप की दीवार’ (chip wall) करार दिया है।
एआई (AI) कंपनियां बनीं वजह
इस किल्लत के पीछे असली वजह एआई का बढ़ता क्रेज है। माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियां अपने लैंग्वेज मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए भारी मात्रा में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी खरीद रही हैं।
सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपना ज्यादा ध्यान इन हाई-वैल्यू ऑर्डर्स पर लगा रही हैं। एसके हाइनिक्स ने तो साल 2026 तक का अपना पूरा प्रोडक्शन पहले ही बुक कर लिया है।
भारत में क्या है स्थिति?
फिलहाल भारत में अमेजन, फ्लिपकार्ट और विजय सेल्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लैपटॉप की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखने को मिली है। लेकिन ग्लोबल मार्केट के हालात और मैन्युफैक्चरर्स के कड़े रुख को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारतीय बाजार में भी कीमतों का बढ़ना बस कुछ ही समय की बात है। अगर आप डिस्काउंट का इंतजार कर रहे हैं, तो शायद वह मौका अब आपके हाथ से निकल रहा है।





