फाइनल हुई मदर ऑफ ऑल डील! बीयर, कार, मेडिकल उपकरण सहित 90% से अधिक सामान होंगे सस्ते

AhmadJunaidBlogJanuary 27, 2026366 Views


India EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ट्रेड को लेकर पिछले दो दशकों से चली आ रही बातचीत आखिरकार खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत और 27 देशों के इस ग्रुप यानी EU ने एक ऐतिहासिक ट्रेड डील साइन की है। भारत और ईयू के बीच इस डील को मदर ऑफ ऑल डील कहा जा रहा है।

यह डील न केवल भारत के लिए अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार के साथ रिश्तों को नया आयाम देने वाला है, बल्कि अमेरिका के साथ अनिश्चित रिश्तों के बीच दोनों पक्षों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच भी तैयार करेगा।

90% एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म

इस समझौते की सबसे बड़ी बात टैरिफ (Tariffs) में होने वाली भारी कटौती है। यूरोपीय संघ (EU) के अनुसार, भारत को होने वाले 90 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर अब शुल्क या तो खत्म कर दिए जाएंगे या काफी कम होंगे।

अनुमान है कि इससे यूरोपीय निर्यातकों को हर साल करीब 4 बिलियन यूरो की बचत होगी। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा, जहां अब यूरोपीय सामान पहले के मुकाबले काफी सस्ते मिल सकेंगे।

मशीनरी, केमिकल और फार्मा सेक्टर को राहत

मशीनरी, केमिकल और फार्मा सेक्टर के लिए यह खबर काफी अहम है। वित्त विश्लेषक बताते हैं कि मशीनरी पर लगने वाले 44 प्रतिशत और केमिकल्स पर लगने वाले 22 प्रतिशत तक के ऊंचे टैक्स अब लगभग खत्म हो जाएंगे।

इसके अलावा, मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल मशीनों पर भी टैक्स हटने से अस्पतालों और क्लीनिकों में विदेशी तकनीक सस्ती हो सकती है। विमानन क्षेत्र में रुचि रखने वालों के लिए भी खुशखबरी है, क्योंकि एयरक्राफ्ट और एयरोस्पेस उत्पादों पर भी शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है।

सस्ती होंगी कारें

गाड़ियों के शौकीनों के लिए इस डील में एक खास व्यवस्था की गई है। कारों पर लगने वाली ड्यूटी को धीरे-धीरे घटाकर 10 प्रतिशत तक लाया जाएगा। हालांकि, इसके लिए सालाना 2,50,000 वाहनों का एक कोटा तय किया गया है। यानी हर साल पहले ढाई लाख वाहन ही इस कम टैक्स का फायदा उठा पाएंगे।

शराब भी सस्ती

खाने-पीने की चीजों में ऑलिव ऑयल, वेजिटेबल ऑयल और बीयर-वाइन पर भी टैक्स कम किया गया है। जहां बीयर पर टैक्स 50 प्रतिशत तक घटेगा, वहीं वाइन पर भी करीब 20-30 प्रतिशत की राहत दी गई है।

इन्हें भी राहत

व्यापार के अलावा, यह समझौता बैंकिंग और शिपिंग जैसे सर्विस सेक्टर में भी यूरोपीय कंपनियों को विशेष पहुंच प्रदान करेगा। पर्यावरण के मोर्चे पर भी ईयू ने भारत का हाथ थामा है और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए अगले दो वर्षों में 500 मिलियन यूरो की मदद देने का वादा किया है। ईयू का मानना है कि इस डील की बदौलत साल 2032 तक भारत को होने वाला उनका निर्यात दोगुना हो जाएगा।

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