Trent Share: 2 मिनट में 162 करोड़ रुपये साफ! ट्रेंट के शेयर में भारी बिकवाली से दमानी को बड़ा झटका – चेक करें टारगेट प्राइस

AhmadJunaidBlogJanuary 6, 2026363 Views


Trent Share: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd के शेयरों में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। दिग्गज निवेशक, राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani) को इस गिरावट से बड़ा झटका लगा। कमजोर तिमाही अपडेट के बाद ट्रेड की शुरुआत में ही ट्रेंट के शेयर 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, ट्रेंट के शेयर मंगलवार को 8.35 फीसदी गिरकर 4,060 रुपये पर खुला, जबकि सोमवार को इसका बंद भाव 4,429.80 रुपये था। गिरावट के चलते कंपनी का कुल मार्केट कैप भी फिसलकर 1.45 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया।

दामानी की निवेश कंपनी Derive Trading And Resorts के जरिए ट्रेंट में 1.24 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास 43,98,204 शेयर हैं। शेयर में तेज गिरावट से उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू कुछ ही मिनटों में 1,948.32 करोड़ रुपये से घटकर 1,785.67 करोड़ रुपये रह गई। यानी करीब 162.65 करोड़ रुपये की वैल्यू मिट गई। कंपनी ने अभी दिसंबर 2025 तिमाही के लिए शेयरहोल्डिंग पैटर्न दाखिल नहीं किया है।

नतीजों की बात करें तो ट्रेंट ने दिसंबर 2025 तिमाही में सालाना आधार पर 17 फीसदी की बढ़त के साथ 5,220 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। 31 दिसंबर तक के नौ महीनों में कंपनी की आय 18 फीसदी बढ़कर 14,604 करोड़ रुपये रही। यह ग्रोथ मुख्य रूप से Westside और Zudio ब्रांड के विस्तार से आई है। Zudio का स्टोर नेटवर्क बढ़कर 854 तक पहुंच गया है, जिसमें यूएई में चार अंतरराष्ट्रीय स्टोर भी शामिल हैं।

FY26 के पहले नौ महीनों में Westside ने 30 नए स्टोर जोड़े, जो FY23 से FY25 के औसत से कहीं ज्यादा है। वहीं, Zudio ने Q3 में 48 नए स्टोर जोड़कर उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया।

क्या है ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस

ग्लोबल ब्रोकरेज Morgan Stanley ने ट्रेंट पर ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 5,456 रुपये का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि Q3 का रेवेन्यू ग्रोथ उसके अनुमान के अनुरूप रहा।

HDFC Securities ने हाल ही में स्टॉक को ‘ऐड’ रेटिंग दी है और 4,700 रुपये का टारगेट रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि करीब 50 फीसदी के करेक्शन के बाद अब रिस्क-रिवार्ड बेहतर दिखने लगा है।

Motilal Oswal Financial Services ने कहा कि आमतौर पर चौथी तिमाही में स्टोर एडिशन की रफ्तार बढ़ती है। कमजोर आंकड़े आने पर शेयर की हालिया रिकवरी पर दबाव बन सकता है।

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