सोने और चांदी को तो सुरक्षित निवेश माना जाता है लेकिन इस बार युद्ध के बीच गोल्ड और सिल्वर के दाम क्यों टूट रहे हैं?

AhmadJunaidBlogMarch 24, 2026359 Views


पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहने के बावजूद सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। आमतौर पर युद्ध जैसे हालात में गोल्ड और सिल्वर को सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश माना जाता हैं, लेकिन इस बार सोना और चांदी के दाम भी गिरे हैं। 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का 02 अप्रैल वाला फ्यूचर ट्रेड दोपहर 1:05 बजे तक 8.96% या 12942 रुपये गिरकर 131550 रुपये पर ट्रेड कर रहा था वहीं चांदी का 05 मई का फ्यूचर ट्रेड इस समय तक 10.04% या 22773 रुपये गिरकर 203999 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों हो रही है गिरावट?

1. मुनाफावसूली: इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह हालिया तेजी मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की, जिससे सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए। अब ऊंचे दाम पर निवेशक मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे कीमतों में तेज करेक्शन आया है।

2. ब्याज दरों की चिंता ने बढ़ाया दबाव: कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहने से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इससे वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है, बल्कि दरें बढ़ने की आशंका बढ़ी है। उच्च ब्याज दरें सोने के लिए निगेटिव होती हैं, क्योंकि यह कोई निश्चित रिटर्न नहीं देता।

KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा कि रेट कट की उम्मीद घटकर रेट हाइक की संभावना बनने से सोने की चमक फीकी पड़ी है।

3. लिक्विडिटी का उल्टा असर: वैश्विक बाजारों में गिरावट का असर भी सोने पर दिख रहा है। निवेशक शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेच रहे हैं।

वाटरर के मुताबिक, “एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट के चलते निवेशक गोल्ड में अपनी पोजीशन घटा रहे हैं।”

4. लगातार गिरावट का सिलसिला: अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 2.5% गिरकर 4,372 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया है, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 4.4% की गिरावट आई। सोना लगातार नौ सत्र से गिर रहा है और एक हफ्ते में 10% से ज्यादा टूट चुका है। चांदी, जो ज्यादा वोलाटाइल होती है, उसमें गिरावट और तेज रही।

5. ‘रिस्क-ऑफ’ माहौल का असर: जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, “ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल में स्टॉक्स, बॉन्ड्स और कीमती धातुएं—सभी दबाव में हैं। ऐसे समय में निवेशकों को घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए।”

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

यह गिरावट लंबी अवधि के ट्रेंड में बदलाव का संकेत नहीं मानी जा रही, बल्कि तेज उछाल के बाद सामान्य करेक्शन के तौर पर देखी जा रही है। आसान शब्दों में कहें तो सोना-चांदी अपनी ‘सेफ हेवन’ पहचान नहीं खोए हैं, लेकिन बाजार की बदलती स्थितियों और पहले से हुई भारी खरीदारी के कारण कीमतें फिलहाल दबाव में हैं।

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