
वित्त मंत्री निर्माल सीतारमण ने अपने लगातार नौवें केंद्रीय बजट भाषण में स्वास्थ्य और क्रिटिकल मिनरल्स को मजबूती देने के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की, जिसके तहत अगले 5 साल में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मकसद भारत में बायोफार्मा रिसर्च, दवाओं के निर्माण और नई तकनीकों को बढ़ावा देना है। बायोफार्मा दवाएं जीवित स्रोतों से बनती हैं और यह भविष्य की हेल्थकेयर का अहम हिस्सा मानी जाती हैं।
बजट में रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स पर भी फोकस रखा गया है। तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर को सपोर्ट दिया जाएगा और ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। कुल मिलाकर, यह बजट स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।






